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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं और पाचन तंतà¥à¤° à¤à¥€ कमजोर हो जाता है जिसकी वजह से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को अकà¥â€à¤¸à¤° à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की परेशानी सताती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में पाचन तंतà¥à¤° कमजोर होने की वजह से महिलाओं को à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ और सीने में जलन की समसà¥â€à¤¯à¤¾ होने लगती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में पाचन तंतà¥à¤° कमजोर होने की वजह से महिलाओं को à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ और सीने में जलन की समसà¥â€à¤¯à¤¾ होने लगती है। इसकी वजह से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बेचैनी और असहजता महसूस होने लगती है। हालांकि, जीवनशैली में कà¥à¤› उचित बदलाव कर के और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ दूर करने के घरेलू उपायों की मदद से आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में होने वाली à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर सकती हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी à¤à¤• खूबसूरत और अनोखा सफर तो होता ही है लेकिन इस दौरान महिलाओं को कई तरह की परेशानियां à¤à¥€ à¤à¥‡à¤²à¤¨à¥€ पड़ती हैं। उलà¥â€à¤Ÿà¥€, मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस और जी मतली के साथ-साथ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ होना à¤à¥€ à¤à¤• आम समसà¥â€à¤¯à¤¾ है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ दूर करने के कई घरेलू तरीके हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की दवा लेने की बजाय à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ के घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–े ही जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कारगर साबित होते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ के कारण
कई महिलाओं में सीने में जलन और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल होती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के पहले दो महीनों में इस तरह ही दिकà¥â€à¤•त महसूस हो सकती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में शरीर में अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और रिलैकà¥â€à¤¸à¤¿à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनता है। ये शरीर की नरम मांसपेशियों को आराम देते हैं जिसमें गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मारà¥à¤— की मांसपेशियां à¤à¥€ शामिल हैं। इस वजह से पाचन धीमा पड़ जाता है और अपच, पेट फूलने à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की दिकà¥â€à¤•त होने लगती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की पहली तिमाही में शरीर में बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव आते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ तेजी से बढ़ता है जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठयूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ लाइनिंग मोटी होती है। à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के बढ़ने के कारण शरीर में पानी और गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनती है जिससे असहज और पेट में दरà¥à¤¦ महसूस होता है।
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस और थकान जैसे लकà¥à¤·à¤£ कम होने लगते हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ विकसित हो रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठजगह बनाने लगता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ने पर आसपास के अंगों पर दबाव पड़ता है जिससे कबà¥â€à¤œ और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनने जैसी पाचन से संबंधी दिकà¥â€à¤•तें होने लगती हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं के à¤à¥€ शरीर में गैस बनती है। शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥â€à¤¤à¤° बढ़ने की वजह से गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने लगती है। ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚टेसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मारà¥à¤— की नरम मांसपेशियों को आराम पहà¥à¤‚चाने का काम करता है। इन मांसपेशियों के रिलैकà¥â€à¤¸ होने पर खाना धीमी गति से पाचन तंतà¥à¤° की ओर आ सकता है।
पाचन के धीमा पड़ने पर आंतों में गैस अधिक बनने लगती है। इसकी वजह से डकार आने, गैस पास होने और पेट फूलने की दिकà¥â€à¤•त à¤à¥€ हो सकती है।
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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस से बचना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल है। हालांकि, कà¥à¤› आसान तरीकों से आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने से जरूर रोक सकते हैं। कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस बनने को बढ़ावा दे सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप नोट करें कि कà¥â€à¤¯à¤¾ खाने के बाद आपको जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनती है।
बींस, मटर और साबà¥à¤¤ अनाज से गैस बन सकती है। इसके अलावा बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, à¤à¤¸à¥â€à¤ªà¥ˆà¤°à¥‡à¤—स, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ à¤à¥€ गैस बनाते हैं।
अमेरिकन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान गैस बनने से रोकने, कम करने और कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठनीचे बताठगठटिपà¥â€à¤¸ असरकारी साबित हो सकते हैं :
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क कम या बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न पिà¤à¤‚।तली हà¥à¤ˆ और à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें खाने से बचें।हमेशा गिलास से पानी या अनà¥â€à¤¯ कोई पेय पदारà¥à¤¥ पिà¤à¤‚।दिनà¤à¤° में थोड़ा-थोड़ा कर के खाà¤à¤‚।कपड़े पेट पर से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट नहीं होने चाहिà¤à¥¤à¤†à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सà¥â€à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° का कम सेवन करें और खूब पानी पिà¤à¤‚।धीरे और चबा-चबाकर खाà¤à¤‚।
à¤à¤ªà¥â€à¤ªà¤² साइडर विनेगर
लगà¤à¤— à¤à¤• गिलास पानी में à¤à¤• चमà¥â€à¤®à¤š विनेगर मिलाकर पी लें। खाना खाने से à¤à¤• घंटे पहले à¤à¥€ इस उपाय को करने से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिलेगा। इसमें मौजूद à¤à¤¸à¤¿à¤¡ पेट में अधिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बनने से रोकता है जिससे à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ में कमी आती है।
नींबू पानी
à¤à¤• गिलास पानी में à¤à¤•-दो नींबू निचोड़कर डालें। अब इसमें कचà¥â€à¤šà¤¾ शहद डालकर पानी को उबालकर चाय बना लें। जब पानी उबल जाठतो उसे ठंडा होने के लिठरख दें। ठंडा होने पर घूंट-घूंट कर इसे पिà¤à¤‚। नींबू पानी पेट में पाचक रसों और पितà¥à¤¤ के उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को बढ़ाता है जिससे पेट में à¤à¤¸à¤¿à¤¡ कम बनने में मदद मिलती है और पाचन में सà¥à¤§à¤¾à¤° आता है।
Gas problem in Pregnancy : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में गैस कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बनती है?
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की पहली तिमाही में शरीर में बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव आते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ तेजी से बढ़ता है जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठयूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ लाइनिंग मोटी होती है। à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के बढ़ने के कारण शरीर में पानी और गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनती है जिससे असहज और पेट में दरà¥à¤¦ महसूस होता है।
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस और थकान जैसे लकà¥à¤·à¤£ कम होने लगते हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ विकसित हो रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठजगह बनाने लगता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ने पर आसपास के अंगों पर दबाव पड़ता है जिससे कबà¥â€à¤œ और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनने जैसी पाचन से संबंधी दिकà¥â€à¤•तें होने लगती हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं के à¤à¥€ शरीर में गैस बनती है। शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥â€à¤¤à¤° बढ़ने की वजह से गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने लगती है। ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚टेसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मारà¥à¤— की नरम मांसपेशियों को आराम पहà¥à¤‚चाने का काम करता है। इन मांसपेशियों के रिलैकà¥â€à¤¸ होने पर खाना धीमी गति से पाचन तंतà¥à¤° की ओर आ सकता है।
पाचन के धीमा पड़ने पर आंतों में गैस अधिक बनने लगती है। इसकी वजह से डकार आने, गैस पास होने और पेट फूलने की दिकà¥â€à¤•त à¤à¥€ हो सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस से बचना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल है। हालांकि, कà¥à¤› आसान तरीकों से आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने से जरूर रोक सकते हैं। कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस बनने को बढ़ावा दे सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप नोट करें कि कà¥â€à¤¯à¤¾ खाने के बाद आपको जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनती है।
बींस, मटर और साबà¥à¤¤ अनाज से गैस बन सकती है। इसके अलावा बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, à¤à¤¸à¥â€à¤ªà¥ˆà¤°à¥‡à¤—स, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ à¤à¥€ गैस बनाते हैं।
अमेरिकन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान गैस बनने से रोकने, कम करने और कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठनीचे बताठगठटिपà¥â€à¤¸ असरकारी साबित हो सकते हैं :
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क कम या बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न पिà¤à¤‚।तली हà¥à¤ˆ और à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें खाने से बचें।हमेशा गिलास से पानी या अनà¥â€à¤¯ कोई पेय पदारà¥à¤¥ पिà¤à¤‚।दिनà¤à¤° में थोड़ा-थोड़ा कर के खाà¤à¤‚।कपड़े पेट पर से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट नहीं होने चाहिà¤à¥¤à¤†à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सà¥â€à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° का कम सेवन करें और खूब पानी पिà¤à¤‚।धीरे और चबा-चबाकर खाà¤à¤‚।
नारियल पानी
नारियल पानी में इलेकà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ और à¤à¤²à¤•ेलाइन खनिज पदारà¥à¤¥ जैसे कि पोटैशियम अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं। इस वजह से नारियल पानी पीà¤à¤š के सà¥â€à¤¤à¤° को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करता है और पेट में à¤à¤¸à¤¿à¤¡ को नषà¥â€à¤Ÿ करने का काम करता है। ताजा नारियल पानी पीने से à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ से राहत दिलाता है और ये महिलाओं की सेहत के लिठà¤à¥€ बहà¥à¤¤ फायदेमंद माना जाता है।
दही या दूध
दही या à¤à¤• गिलास दूध से à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¿â€à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ दूर हो सकती है। गाय का दूध तà¥à¤°à¤‚त à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ दूर कर सकता है। आप चाहें तो नट मिलà¥â€à¤•, राइस मिलà¥â€à¤• या बकरी का दूध à¤à¥€ पी सकती हैं। दूध को गरà¥à¤® करके उसमें थोड़ा शहद मिलाकर पी लें। इससे काफी हद तक सीने में जलन और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ से राहत मिलती है।
Gas problem in Pregnancy : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में गैस कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बनती है?
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की पहली तिमाही में शरीर में बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव आते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ तेजी से बढ़ता है जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठयूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ लाइनिंग मोटी होती है। à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के बढ़ने के कारण शरीर में पानी और गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनती है जिससे असहज और पेट में दरà¥à¤¦ महसूस होता है।
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस और थकान जैसे लकà¥à¤·à¤£ कम होने लगते हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ विकसित हो रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठजगह बनाने लगता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ने पर आसपास के अंगों पर दबाव पड़ता है जिससे कबà¥â€à¤œ और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनने जैसी पाचन से संबंधी दिकà¥â€à¤•तें होने लगती हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं के à¤à¥€ शरीर में गैस बनती है। शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥â€à¤¤à¤° बढ़ने की वजह से गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने लगती है। ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚टेसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मारà¥à¤— की नरम मांसपेशियों को आराम पहà¥à¤‚चाने का काम करता है। इन मांसपेशियों के रिलैकà¥â€à¤¸ होने पर खाना धीमी गति से पाचन तंतà¥à¤° की ओर आ सकता है।
पाचन के धीमा पड़ने पर आंतों में गैस अधिक बनने लगती है। इसकी वजह से डकार आने, गैस पास होने और पेट फूलने की दिकà¥â€à¤•त à¤à¥€ हो सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस से बचना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल है। हालांकि, कà¥à¤› आसान तरीकों से आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने से जरूर रोक सकते हैं। कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस बनने को बढ़ावा दे सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप नोट करें कि कà¥â€à¤¯à¤¾ खाने के बाद आपको जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनती है।
बींस, मटर और साबà¥à¤¤ अनाज से गैस बन सकती है। इसके अलावा बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, à¤à¤¸à¥â€à¤ªà¥ˆà¤°à¥‡à¤—स, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ à¤à¥€ गैस बनाते हैं।
अमेरिकन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान गैस बनने से रोकने, कम करने और कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठनीचे बताठगठटिपà¥â€à¤¸ असरकारी साबित हो सकते हैं :
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क कम या बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न पिà¤à¤‚।तली हà¥à¤ˆ और à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें खाने से बचें।हमेशा गिलास से पानी या अनà¥â€à¤¯ कोई पेय पदारà¥à¤¥ पिà¤à¤‚।दिनà¤à¤° में थोड़ा-थोड़ा कर के खाà¤à¤‚।कपड़े पेट पर से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट नहीं होने चाहिà¤à¥¤à¤†à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सà¥â€à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° का कम सेवन करें और खूब पानी पिà¤à¤‚।धीरे और चबा-चबाकर खाà¤à¤‚।
à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जूस
à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का जूस पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ और à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफलकà¥â€à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का इलाज करता है। आप घर पर à¤à¥€ à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जूस बना सकती हैं या बाजार से à¤à¥€ जूस लाकर पी सकती हैं।
चà¥â€à¤¯à¥à¤‚इगम खाà¤à¤‚
खाना खाने के दस मिनट बाद चà¥â€à¤¯à¥à¤‚इगम खाने से à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ से राहत पाने में मदद मिलती है। चà¥â€à¤¯à¥à¤‚इगम सलाइवा के उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करती है जिससे पेट में à¤à¤¸à¤¿à¤¡ नषà¥â€à¤Ÿ होता है पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ से राहत मिलती है। चà¥â€à¤¯à¥à¤‚इगम को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक न चबाà¤à¤‚ वरना à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफलकà¥â€à¤¸ की परेशानी हो सकती है। à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ कम करने के लिठचà¥â€à¤¯à¥à¤‚इगम सबसे आसान उपाय है।
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